Wednesday, May 13, 2009
क्या ऐसा होता माडल स्टेशन?
Wednesday, April 22, 2009
सैकड़ों एकड़ भूमि में कसाल उपजाने को विवश हैं किसान
Apr 22, 12:42 am
भागलपुर। वर्ष 1995 में आई बाढ़ की विभीषिका से प्रखंड के पूर्वी इलाके के गांवों के 5 सौ एकड़ खेतों में बालू भर जाने से किसान फसल के स्थान पर कसाल उपजाने को विवश हैं। कभी सब्जियों की अत्यधिक फसल उपजाने के लिए विख्यात अंगारी, सारथ, डंडाबाजर, छोटी दोस्तनी, बड़ी दोस्तनी, भड़ोखर आदि गांवों के खेत आज बंजर हो चुके हैं। एक समय यहां की सब्जियां बाहर भेजी जाती थी और किसानों के आय का मुख्य जरिया इसकी खेती होती थी। लेकिन अब यहां के किसान मन मारकर अपने बंजर खेतों में कसाल उपजाने को विवश हैं। आय का मुख्य साधन समाप्त हो जाने के कारण यहां के किसानों को रोजगार के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ रहा है। बीते वर्ष सरकार ने फसल मुआवजा व बालू हटाने के नाम पर किसानों को आर्थिक सहायता दी थी। लेकिन यह राशि कुछ ही किसानों को मिल पायी थी। जिसके कारण वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ और आज भी गांवों के अधिकतर खेतों में बालू भरे पड़े हैं। किसानों ने कहा कि खेतों से बालू हटाने का कई बार प्रयास किया गया लेकिन वे उसमें सफल नहीं हो पाए तो थक-हार कर बैठ गए। विभागीय अधिकारियों से भी आरजू-मिन्नत की पर कोई लाभ नहीं हुआ। अंगारी गांव के किसान बद्री मंडल एवं आनंदी प्रसाद सिंह का कहना है कि यहां के किसान अब खेती के बजाय शहरों में जाकर मजदूरी करते हैं।
Monday, April 13, 2009
लतीफ़े
पति (पत्नी से)- बेवकूफ औरत, ऐसे मौकों पर तुम डरो मत मेरी तरह तुम भी चुपचाप आंखें बंद कर लिया करो।
संता (बंता से)- ओए बंता भाई एक बात बताओ, अगर नींद न आए तो क्या किया जाए?
बंता (संता से)- नींद का इंतजार करने से अच्छा है बंदा सो ही जाए।
मंजीत (डॉक्टर से)- डॉक्टर साहब, मुझे एक समस्या है।
डॉक्टर (मंजीत से)- क्या?
मंजीत- मुझे बात करते वक्त आदमी दिखाई नहीं देता।
डॉक्टर- ऐसा कब होता है?
मंजीत- जब-जब मैं फोन पर बात करता हूं।
Saturday, April 11, 2009
पानी से ही हो जाते हैं रोग छूमंतर (Apr 11,2009)
Apr 11, 12:24 am
भागलपुर। अभी तक आप लोगों ने बड़े-बड़े हाकिमों, वैद्यों और डाक्टरों के बारे में सुना या पढ़ा होगा, जो गंभीर से गंभीर रोग का उपचार करने में सक्षम होंगे। लेकिन यहां बात थोड़ी अलग है, हम ऐसे कुएं का जिक्र कर रहे हैं जिसके पानी के सेवन से कई रोग भी छूमंतर हो जाते हैं। गंगापार के नारायणपुर प्रखंड के नगरपाड़ा गांव स्थित इस कुएं के पानी के सेवन से गैस, घेघा सहित अन्य कई असाध्य बीमारियों का उपचार वर्षो से कई गांवों के लोग करते रहे हैं। लोग कुएं के पानी को चमत्कार मान इसकी बड़ी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हैं। ग्रामीणों ने इसे कुओं का राजा व डाक्टर कुआं जैसे उपनाम भी दिए हैं। साढ़े चार सौ साल पुराने इस कुएं के अंदर एक प्लेट लगी हुई है, जिस पर कुएं के निर्माण से जुड़ी बातें लिखी हुई हैं। 1634 ई. में नगरपाड़ा के तत्कालीन राजा गोड़ नारायण सिंह ने इतने बड़े कुएं का निर्माण मुगलों के आक्रमण से गांव की हिफाजत के लिए किया था। 25 हाथ लंबे व इतना ही चौड़ा कुआं काफी गहरा है। ग्रामीण त्रिभुवन सिंह के अनुसार कुएं का पानी हर मौसम में बदलता रहता है। गांव में होने वाले किसी भी समारोह में ग्रामीण इसी कुएं का पानी उपयोग में लाते हैं। कुएं की ख्याति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश के अन्य हिस्सों से लोग कुएं के पानी को लेने आते हैं। इसके साथ ही स्वस्थ होने पर कुएं की पूजा भी करते हैं। चुनाव के समय भी छोटे से बड़ा नेता गांव आता है तो वह कुएं पर जाकर अपनी मन्नत के लिए मत्था जरूर टेकता है।
Friday, April 10, 2009
Let's vote for the candidate who cares for Bhagalpur
So, why such situation should come? Let us resolute today to choose a better people out of the bad people contesting and give him a chance to develope out Bhagalpur. If the choosen leader is not able to perform out expectation, they may be shown the door in the next election.
So, Vote for Bhagalpur!
Thursday, April 9, 2009
बिजली के नाम पर छली गयी जनता
भागलपुर। पांच दिसम्बर 2004 को खगडि़या के वर्तमान सांसद डा. रवीन्द्र कुमार राणा की उपस्थिति में तत्कालीन ऊर्जा राज्यमंत्री श्याम रजक ने जब विद्युत सब स्टेशन का शिलान्यास किया तो लोगों को लगा कि हमारे सांसद बिजली की समस्या को अब दूर कर देंगे। शिलान्यास के समय ही लोगों को भरोसा दिलाया गया था कि दो साल में प्रखंड को बिजली मिलने लगेगी। परन्तु शिलान्यास के चार साल पूरा होने के बाद भी निर्माणाधीन सबस्टेशन से विद्युत आपूर्ति नहीं हो पायी है। विदित हो कि जब शिलान्यास किया जा रहा था उस समय विधान सभा चुनाव नजदीक था। फलस्वरूप वोट के लिए नेताओं ने लोगों को बिजली के नाम पर ठेंगा दिखा दिया। आज स्थिति यह है कि पूरा प्रखंड अंधेरे में डूबा रहता है। लोगों का लालटेन का ही सहारा है। प्रखंड वासी तो यहां तक कह रहे है कि जिस नेता ने अपने प्रखंड और गृह क्षेत्र को अच्छी सुविधा नहीं दे पाया वे अन्य क्षेत्रों में क्या सुविधा दे पाएंगे। बिजली के लिये ललायित प्रखंड वासी जेनरेटर पर अपना उद्योग व व्यवसाय चला रहे हैं। ज्ञातव्य हो कि पिछले बीस वर्षो से प्रखंड में बिजली की समस्या बनी है।
(source: www.in.jagran.yahoo.com
Advani to bring back black money of Indian politiciancs in Swiss banks
विदेशों में जमा धन वापस लाएंगे
Apr 09, 09:55 pm
सोनभद्र/जौनपुर। भाजपा के पीएम इन वेटिंग लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को सोनभद्र व जौनपुर में पार्टी की चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आयी तो भारत से लूट कर विदेशों में जमा किये गये कई हजार करोड़ रुपये को वापस लाकर देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। इस धन को कृषि व रक्षा मद में खर्च किया जाएगा।